पीएमएलए ट्रिब्यूनल का फैसला: दिल्ली में जब्त सीएम हेमंत सोरेन की कार छोड़ने का आदेश

दिल्ली स्थित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास से कथित भूमि घोटाला मामले में जब्त की गई लग्जरी बीएमडब्ल्यू X7 कार को तत्काल जारी करने का निर्देश दिया है।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत अपीलीय ट्रिब्यूनल के सदस्य वी. आनंदराजन की कोरम ने 25 सितंबर को यह आदेश पारित किया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि कार जैसी तेजी से मूल्य ह्रास होने वाली संपत्ति को इस अस्पष्ट आशंका के आधार पर अनिश्चित काल तक बनाए रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि आगे की जांच से यह अपराध की आय साबित होगी।

ट्रिब्यूनल ने ईडी को छह सप्ताह के भीतर वाहन को याचिकाकर्ता को जारी करने का निर्देश दिया। 2021 मॉडल की यह कार झारखंड भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की चल रही जांच के तहत 29 जनवरी 2024 को सोरेन के दिल्ली आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान जब्त की गई थी। वाहन के रजिस्टर्ड ओनर भगवानदास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने इस जब्ती को चुनौती दी।

याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से एडवोकेट रोहित शर्मा और राजेश इनामदार ने तर्क दिया कि जब्ती के बाद लगभग 21 महीने बीत जाने के बावजूद ट्रिब्यूनल कार को अपराध की आय से जोड़ने वाला कोई सबूत देने या ज़ब्ती की कार्यवाही शुरू करने में विफल रहा।

अपील में कहा गया कि कंपनी और उसके निदेशकों को न तो प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट में और न ही ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायतों में आरोपी के रूप में नामित किया गया था। अपने फैसले में ट्रिब्यूनल ने नोट किया कि ईडी को वाहन बरकरार रखने को उचित ठहराने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वह उचित जवाब दाखिल करने या कार को अपराध की कथित आय से जोड़ने वाले सबूत पेश करने में विफल रहा। ट्रिब्यूनल ने ईडी के तर्कों को फीका दावा कहकर खारिज कर दिया और पाया कि न तो वाहन और न ही कंपनी का नाम अभियोजन शिकायतों में था।

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